व्यंग्य-मौसम की जानकारी


मौसम विभाग आपके कारण आज तलाक की नौबत आ जाती।बीवी ने परिवार समेत घूमने का प्लान बनाया आपकी बात पर।कहां था, मौसम बारिश का रहेगा।पिकनिक मनाने पहुचे तो तेज धूप थी।और आपको पता है कि मेकअप की हुई सुंदर नारी,नया ड्रेस पहन कर डीपी चेंज करने का संकल्प करे,तो उसे धूप से कितनी कोफ्त होती हैं? मैं इस आपदा पर जरा हँस क्या दिया कि मुझपर बिजली ही गिर गयी।बड़ी मुश्किल से ऑरेंज एलर्ट देकर बीवी ने छोड़ा।

शर्म करो आपसे अच्छी भविष्यवाणी तो सड़क किनारे तोता लेकर बैठे फलित वाले कर लेते है।सौ रुपये लेकर कम से कम दस की चीज तो सही बता ही देते है।मुझे तो लगता है कि आपका और मौसम का नाता ही मिया बीवी का है।ठान ही लिया है उसने की जो बोलोगे उसका उल्टा चलना है।

या फिर मुझे लगता है सरकार ने कभी सोचा ही नही की उन्होंने ये विभाग  ऊपरवाले के काम मे अड़ंगा डालने के लिए बनाया है।बादल सर पर है अब वो कहॉ बरसाना है,वो ऊपरवाले की मर्जी।आप क्यो बता रहे हो कि ये फला शहर में ही बरसेंगे।आपके चक्कर मे आज हमारी जिंदगी तबाह हो जाती।

मेरी बात मानिए।पुराने जमाने लोगो के कोड वर्ड से मौसम का अनुमान बताइए।थोड़ा साहित्यिक भी होगा और आपको कुदरत के सामने बेआबरू भी नही होना पड़ेगा।

जौ भुंई लोट चलै पुरवाई।
तब जानौ बरसा रितु आई।

चींटी ले अंडा चले चिड़ी नहावे धूर।
ऐसा बोले भड्डरी वर्षा हो भरपूर।
 

उज्ज्वल जोशी की कलम से

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