व्यग्य -रोनाल्डो कोक और बाप


रोनाल्डो ने कोक की बोतल क्या साइड कर दी की अरबो के शेयर गिर गए।वो भी बिना बोले, इशारों में। इधर अपन बच्चो को गला फाड़ फाड़ कर चिल्लाओ तब भी ढसा ढस बेशर्मी से 2-2 लीटर की बोतलें पी जाते है।बाप और सेलिब्रिटी में यही फर्क होता है।शरीर और स्वाद के लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा या तो आमिर खान समझा सकता है या फिर रोनाल्डो।एक बाप की औकात नही है कि वो अपने बच्चो को समझा दे।भले ही बच्चे और पैसे दोनो उसके अपने हो।

और मैं ये दावे से कह सकता हु की रोनाल्डो ने भले ही कोला कोला का शेयर बाजार गिराया हो पर मन ही मन उसकी खुन्नस उसके बच्चो के कोक पीने को लेकर ही रही होगी।ब्रांड के बाप होने में और बाप के ब्रांड होने में यही फरक है।भले ही दुनिया को पलट दे पर बच्चो के आगे उसकी एक नही चलती।

रोनाल्डो को कोक का शेयर बाजार गिराना अपने बच्चो को समझाने से ज्यादा आसान लगा शायद।

उज्ज्वल जोशी की कलम से

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