हाइजीन के देवता
आप जीवन मे चंद ही लोगो को जानते होंगे जिनके व्यवस्थित होने के लक्षण देख कर आपके मुँह से निकला होगा "ये कुछ ज्यादा ही हो रहा है "।हम उन लोगो के साफ सफाई का लेवल देख कर आम भाषा मे उन्हें अति व्यवस्थित कहते है।
मेरे बचपन के एक ऐसे ही अति व्यवस्थित मित्र है जो साक्षात साफसफाई के देवता है।साफ सफाई और प्लानिग में बचपन से उनका हाथ पकड़ने वाला कोई नही था।आपने बचपन मे साइकिल चमकाने वाले बच्चो को देखा होगा,पर ये भाई साहब छोटी उम्र में चक्के की ताडियां तक रोज चमकाते ।दशहरे पर इनके घर नाश्ते पर जाओ तो थाली समेत आपको अखबार पर बैठ कर नाश्ता करवाया जाता जिससे जमीन पर खाने के कण न गिरे।
होनहार बिरवान के होत है चिकने पात।शादी होने के बाद नए घर के प्रवेश द्वार पर और हर बाथरूम के सामने नए पैर पोछ(डोर मेट) लगाए गए।वो नीचे से गंदे न हो जाये इसलिए हर मेट के नीचे कपड़े की व्यवस्था की गई। नई कार लेने के बाद गुजरात से स्पेशल कार कवर बनवाया गया जो कार के टायरों को भी ढक ले।उनके घर जाओ तो चकचकाहट देख के लगता था कि भाई इसके घरवाले इन्हें कैसे झेलते होंगे।उस समय हम उनके मजाक का मौका नही छोड़ते और महफ़िल में उनके साफसफाई से जुड़े एक से बढ़कर एक किस्से चलते।
आज कोरोना ने दुनिया बदल दी। ऐसे वक्त में मेरे मित्र जैसे लोग मिसाल बन गए है और अब तो ये एक न्यू नॉर्मल है जिसे हम कभी एब्नॉर्मल कहकर चिढ़ाते थे।कोरोना के रहते वर्तमान में साफ सफाई करने वालो का बोलबाला है।आज से मैं ऐसे महानुभवों को "हाइजीन के देवता" की उपमा देता हूं।ऐसे देवताओ की छोटी तस्वीर आपके पूजा घर मे होनी चाहिए।जिन्हें देख कर आपको प्रेरणा मिलती रहे।
हमारे उन्ही मित्र उर्फ हाइजीन के देवता ने पुणे में अपने फूड आउटलेट "इन्दोरी चौपाल" को लॉक डाउन के बाद जनता के आग्रह पर पुनः खोला है।उनका ये प्रतिष्ठान विगत एक वर्ष से पुणे में इंदौर का नाम रौशन कर रहा है।पोहे ,कचोरी ,समोसे एक नम्बर है।और पेकिंग भी जबरदस्त वाली है ।मुझे विश्वास है कि हाइजीन के मामले में वहां कोई टालमटोल हो ही नही सकती।आप बिंदास होकर खाइये और घर ले जाइए।
उज्ज्वल जोशी की कलम से
Comments
Post a Comment